| क्र. | अध्याय |
| 1 | आधुनिक भारतीय इतिहास के स्रोत |
| 2 | 18वीं शताब्दी के मध्य में राजनीतिक प्रवृत्तियाँ |
| 3 | भारत में यूरोपीय शक्तियों का प्रवेश |
| 4 | कर्नाटक में आंग्ल-फ्रांसीसी संघर्ष एवं अंग्रेजों की सफलता |
| 5 | पानीपत का तृतीय युद्ध (1761) |
| 6 | बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना - प्लासी और बक्सर का युद्ध |
| 7 | द्वैध शासन, बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी |
| 8 | औपनिवेशिक प्रशासन का विकास - वॉरेन हेस्टिंग्ज तथा लॉर्ड कॉर्नवालिस |
| 9 | संवैधानिक विकास : रेग्यूलेटिंग एक्ट, पिट्स इण्डिया एक्ट, 1813 एवं 1833 ई. का चार्टर अधिनियम |
| 10 | आंग्ल-मैसूर संबंध |
| 11 | आंग्ल-मराठा संबंध |
| 12 | लॉर्ड वेलेजली और सहायक संधियाँ |
| 13 | महाराजा रणजीत सिंह और आंग्ल-सिक्ख संबंध |
| 14 | मराठों का पतन, लॉर्ड हेस्टिंग्ज और ब्रिटिश सर्वोच्चता |
| 15 | आंग्ल-बर्मा संबंध, आंग्ल-अफगान संबंध |
| 16 | डलहौजी का व्यपगत सिद्धांत, उसका प्रशासन एवं सुधार |
| 17 | भारतीय पुनर्जागरण - सामाजिक एवं धार्मिक आन्दोलन - राजा राममोहन राय तथा ब्रह्म समाज |
| 18 | लॉर्ड विलियम बैंटिक के सुधार, देवेन्द्रनाथ टैगौर, ईश्वरचन्द्र विद्या सागर, दयानन्द सरस्वती |
| 19 | मुस्लिम नवजागरण - फराजी एवं वहाबी आंदोलन |
| 20 | स्वदेशी शिक्षा की स्थिति, पश्चिमी शिक्षा का विकास, लॉर्ड मैकाले की नीति |
| 21 | ब्रिटिश भू-राजस्व नीति - स्थायी बंदोबस्त, रैयतवारी एवं महालवारी प्रणाली |
| 22 | कृषकों की स्थिति, ग्रामीण ऋणग्रस्तता, कृषि का वाणिज्यीकरण |
| 23 | धन का निष्कासन, कुटीर उद्योगों का विनाश |
| 24 | औपनिवेशिक शासन का प्रतिरोध - प्रथम स्वतंत्रता संघर्ष 1857 - प्रकृति, कारण, घटनायें, परिणाम एवं प्रभाव |
| 25 | 1857 की क्रान्ति के प्रमुख नेता |